मंगळवार, २९ जानेवारी, २०१३


किरदारों को निभाने में वक्त जाया न करो 
बुझ दिलो की तरह यूँ  खुद को छुपाया न करो 

यहमियत रखो सपनो की ,सपनो को यूँ  जाया न करो 
बेबस होगा तेरा जश्न ,यूँ महफिले सजाया न करो 

काफिले पे कितने मगरूर थे तुम ,काफिला  यूँ पीछे छोड़ आया न करो
समंदर में ढुंढ़ो  निशाँ अपने , खोज में नहर का पानी यूँ ही बहाया न करो 
  

---निशाँ
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